जगदलपुर (डेस्क) – नगर निगम जगदलपुर में सोमवार को आयोजित चौथी सामान्य सभा एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई. बैठक शुरू होते ही विपक्ष (कांग्रेस) ने सत्तापक्ष पर अपनी आवाज दबाने और मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया और वॉकआउट कर बाहर निकल गए.
विपक्ष ने लगाए गम्भीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों की बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “स्पीकर द्वारा धमकाने जैसी बातें कही जा रही हैं और कैमरों का हवाला देकर विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है.”
राजेश चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि शहर से जुड़े अहम मुद्दे, जैसे मल्टी लेवल पार्किंग का विषय जानबूझकर एजेंडे से हटा दिया गया. इसके अलावा, जीएसटी से संबंधित प्रस्ताव पर कांग्रेस के विरोध को भी सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी बातों को सुना नहीं जाएगा, वे किसी भी सामान्य सभा में हिस्सा नहीं लेंगे.
महापौर ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, महापौर संजय पांडे ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कांग्रेस के वॉकआउट को उनके “फ्रस्ट्रेशन” का नतीजा बताया. महापौर ने कहा कि विपक्ष पिछली सभा में भी अनुपस्थित था और अब चर्चा शुरू होते ही सदन छोड़ दिया.
महापौर ने स्पष्ट किया कि मल्टी लेवल पार्किंग को लेकर कोई सवाल एजेंडे में था ही नहीं, और विपक्ष मीडिया में गलत प्रचार कर रहा है. उन्होंने विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद महज 7 महीनों में 60 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि 13 एजेंडे सदन में रखे गए और सभी को सर्वसम्मति से पारित किया गया. महापौर ने अंत में कहा कि विपक्ष झूठ फैलाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, और विपक्षीय पार्षदों की अनुपस्थिति में सदन में मौजूद पार्षदों के बहुमत से निर्णय लिए जाएंगे.