जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर संभाग के ​दंतेवाड़ा जिले के बारसूर में, सीआरपीएफ की 195 वीं बटालियन ने 3 सितंबर को बड़े उत्साह के साथ अपना 19 वां स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर जवानों के अदम्य साहस और जनता की सेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा गया.

​दंतेवाड़ा 195 वीं बटालियन की स्थापना 3 सितंबर 2007 को भोपाल में हुई थी, और आज यह बटालियन दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा का पर्याय बन चुकी है. बटालियन ने न सिर्फ नक्सल विरोधी अभियानों में सफलता हासिल की है, बल्कि ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम’ के जरिए आम जनता का दिल भी जीता है, जिससे लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है.

शहीदों को श्रद्धांजलि और जवानों का सम्मान

​स्थापना दिवस के इस खास मौके पर, देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद आयोजित विशेष सैनिक सम्मेलन में उन जवानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने असाधारण वीरता का परिचय दिया. राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित एएसआई (जीडी) संजय कुमार और सिपाही (जीडी) कुलदीप सिंह को विशेष रूप से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जो उनके शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है.
​इस अवसर पर, जवानों के बीच खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे उत्साह का माहौल और भी खुशनुमा हो गया.

​बटालियन के कमांडेंट, अनिल कुमार सिंह, ने सभी अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और उनसे जनता की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहने का आग्रह किया. उनका संदेश था कि सीआरपीएफ के जवान न सिर्फ सुरक्षा बल हैं, बल्कि वे जनता के सच्चे सेवक भी हैं. यह समारोह 195 वीं बटालियन के जवानों के साहस, बलिदान और समाज के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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