सुकमा (डेस्क) – जिले में लगातार चार दिनों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल ने ग्रामीणों से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर दिया है. करीब 300 NHM अधिकारी – कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे इलाज की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है. ओपीडी बंद होने के कारण गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और अन्य बीमार मरीज भारी परेशानी झेल रहे हैं.
इसी बीच प्रदेश सचिव दुर्गेश राय सहित कांग्रेस नेताओं ने सुकमा पहुंचकर हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात की और उनके आंदोलन का समर्थन किया.

कर्मचारियों के हड़ताल की मुख्य बातें
जिले के 300 NHM अधिकारी – कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर.
जिला अस्पताल की ओपीडी बंद, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप.
कांग्रेस नेता दुर्गेश राय बोले – “जायज मांगें पूरी न हुईं तो जिला स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी.”
मलेरिया सीजन में ब्लड टेस्ट और अन्य जांचें प्रभावित.
गर्भवती महिलाएं और बच्चे इलाज के अभाव में परेशान.
कांग्रेस ने कहा – NHM कर्मियों का योगदान सराहनीय, सरकार तुरंत कदम उठाए.
NHM कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें
कर्मचारी संगठन ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि वे केवल न्याय और सुरक्षा चाहते हैं. मुख्य मांगे इस प्रकार हैं –
नौकरी की सुरक्षा (Job Security)
समान काम, समान वेतन
ग्रेड पे
अनुकंपा नियुक्ति
मेडिकल बीमा
चिकित्सा अवकाश
प्रमोशन व अन्य सेवा संबंधी सुविधाएं
पारदर्शी संविदा नीति
स्थायीकरण की दिशा में पहल
अन्य बुनियादी सुविधाएं
प्रदेश स्तर पर आंदोलन
NHM संघ का कहना है कि प्रदेश के 20 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी वर्षों से संविदा में अलग – अलग पदों पर सेवाएं दे रहे हैं. ग्रामीण अंचलों में ये कर्मचारी नदी – नाले पार कर, कठिन परिस्थितियों में भी सेवा देते रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नौकरी की सुरक्षा या अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं.
इसी को लेकर संघ ने दो दिवसीय ध्यान आकर्षण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन सरकार को उनके चुनावी वादों और “मोदी की गारंटी” में शामिल घोषणाओं की याद दिलाने के लिए है.
प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने कहा कि NHM कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं. “अंदरूनी इलाकों में नदियों – नालों को पार कर ग्रामीणों तक सेवा पहुंचाना इनकी जिम्मेदारी रही है. आज जब वे अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर हैं, तो सरकार को चाहिए कि तुरंत उनकी समस्याओं का समाधान करे. यदि यह स्थिति लंबी चली, तो स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने से आम जनता को भारी नुकसान होगा.”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से NHM कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करती है और सरकार से आग्रह करती है कि जितनी जल्दी हो सके उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक फैसला लिया जाए.