जगदलपुर (डेस्क) – मेकॉज के चिकित्सकों ने एक बार फिर से कमाल कर दिखाया है. चिकित्सकों ने 11 माह की एक मासूम बच्ची की जान को मौत के मुंह से वापस खींच लाने में सफलता पाई है. चिकित्सकों की टीम ने 4 दिनों की कड़ी मेहनत करने के बाद मासूम बच्ची की जान बचा ली है.
मिली जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के मद्देड़ तोयनार निवासी अनिल उरसा बीते 16 जून की रात अपने परिवार के साथ सो रहा था. देर रात सोते समय अनिल की 11 माह की बेटी अल्पना अचानक जोर – जोर से रोने लगी. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर अनिल और उसका पूरा परिवार जाग गया. जागने पर परिजनों ने बच्ची के पास से एक जहरीले सांप को गुजरते हुए देखा. जहरीले सांप ने बच्ची के हाथ की उंगली में डस लिया था. जिसके बाद परिजनों ने एक पल की भी देरी ना करते हुए बच्ची को तत्काल ही बीजापुर जिला अस्पताल लेकर पहुंच गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्ची को बेहतर उपचार के लिए मेकॉज रेफर कर दिया. बीते 17 जून को परिजन बच्ची को बेहोशी की हालत में लेकर मेकॉज पहुंचे. चिकित्सकों ने बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए बच्ची तत्काल ही वेंटिलेटर में भर्ती कर दिया. जिसके बाद मेकॉज के शिशु वार्ड के चिकित्सकों, नर्स स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने लगातार 4 दिनों तक चौबीसों घंटे बच्ची की देखभाल की. देखभाल करने के 97 घण्टे के बाद चिकित्सकों ने मासूम बच्ची को वेंटिलेटर से बाहर निकाला. चिकित्सकों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत और मेहनत से 11 माह की मासूम बच्ची को एक नया जीवनदान मिल गया. बच्ची को नई जिंदगी देने में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू, डॉ. डीआर मंडावी, डॉ. तुषार, डॉ. उदित यादव, डॉक्टर पवन, डॉ. अपूर्व के साथ ही स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.