गनपत भारद्वाज, बस्तर- संभाग के अंतिम छोर में स्थित सुकमा जिला बेहद ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. नक्सलियों के बड़े नेताओं की मौजूदगी हमेशा सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में रहती है. इसके साथ ही सुकमा जिले से लगे पड़ोसी राज्य उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र इलाके में भी नक्सलियों की गतिविधि रहती है. इसी बीच सुरक्षाबल के जवानों को नक्सली मोर्चे पर एक सफलता मिली है. जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए डंप किये गए विस्फोटक सामग्री को बरामद किया है. सुरक्षाबल के जवानों ने बीते कल मंगलवार को जंगल में भारी मात्रा में छुपाकर रखा हुआ नक्सलियों का गोला बारूद बरामद किया है.
मिली जानकारी के अनुसार मलकानगिरी पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के बाद सुरक्षाबल के डिवीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम को मथिली थाना क्षेत्र के ग्राम तुलसी और किरमिति के पास स्थित जंगल में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा जंगल में छुपाए गए भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया है. जवानों ने मौके पर से एक देसी बंदूक, 150 नग जेलेटिन स्टिक, 10 किलो वजनी एक आईईडी बम, एक 7 किलो वजनी आईईडी बम, एक 6 किलो वजनी आईईडी बम, एक 5 किलो वजनी आईईडी बम, एक 4 किलो वजनी आईईडी बम और एक 2 किलो वजनी आईईडी बम बरामद किया है. नक्सलियों ने सुरक्षाबल के जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए यह घातक सामान छुपा रखा था. लेकिन सुरक्षाबल के जवानों की सतर्कता के चलते नक्सलियों के कायराना करतूत पर पानी फिर गया है. फिलहाल सुरक्षाबल के जवानों के द्वारा अभी भी मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
दरअसल नक्सली हमेशा से ही सुरक्षाबल के जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी बम का इस्तेमाल करते आए हैं. और इस बम से जवानों को काफी नुकसान भी हुआ है. एंबुश में जवानों को फसाने के लिए नक्सली पहले आईईडी ब्लास्ट करते हैं जिसके बाद सुरक्षाबल के जवानों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करते हैं. चुनाव के दौरान भी बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया. जिससे जवानों को मामूली चोट भी आई. हालांकि पुलिस के जवानों ने 14 से अधिक आईईडी बम को चुनाव के दौरान बरामद किया था. और एक बार फिर से सुकमा जिले से लगे मलकानगिरी में आईईडी बम का जखीरा जवानों ने बरामद किया है. जिसे पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है.
