गनपत भारद्वाज, जगदलपुर- छत्तीसगढ़ का बस्तर आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है. आजादी के 76 साल बाद भी बस्तर के ग्रामीण झरिया का पानी पीने को मजबूर है. यही कारण है कि झरिया से पानी भरने गई बच्ची को जंगली जानवर ने अपना शिकार बना लिया. घायल बच्ची को परिजनों ने डिमरापाल अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां उसका ईलाज जारी है.

मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के चित्रकोट वन परिक्षेत्र के ग्राम सालेपाल में प्रतिदिन की भांति 13 सितंबर बुधवार की सुबह करीब 4 बजे 20 से 25 बच्चे एक साथ पानी भरने के लिए घर से करीब 300 मीटर दूर जंगल के बीच बने झरिया में जा रहे थे. इसी दौरान जगंल में छिपे भेड़िया ने बच्चों के ऊपर हमला कर दिया. हालांकि सभी बच्चे भाग गए. लेकिन एक बच्ची को भेड़िया ने काट लिया. किसी तरह बच्ची भागकर अपने घर पहुंची. जिसके बाद परिजनो ने बच्ची को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया. जिसके बाद 108 संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से उसे डिमरापाल अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उनका उपचार जारी है. भेड़िया ने बच्ची के पैर में काट लिया है. और भेड़िया का दांतो का निशान बना हुआ है. फिलहाल घायल बच्ची प्रमिला की स्थित खतरे से बाहर बताई जा रही है.

इधर भेड़िया के हमले के बाद गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है. इसके अलावा गाँव के बच्चों को शाम व सुबह के वक्त नहीं निकलने की सलाह दी है. इसके अलावा गाँव के ग्रामीण डंडा लेकर जंगल की ओर भेड़िया को भगाने के लिए निकले हैं.

इधर चित्रकोट वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश ठाकुर ने बताया कि सालेपाल में वन विभाग की टीम को रवाना किया गया है. और नजर रखी जा रही है. और मुनादी करवाया जा रहा है. इससे पहले भी चित्रकोट वन परिक्षेत्र के साडरा में तेंदुआ के मिलने की पुष्टि हुई है. जिसके बाद वन विभाग पोस्टर लगाकर ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की चेतावनी दी है. हालांकि तेंदुए ने किसी लोगों को नुकसान नहीं पहुँचाया. लेकिन मवेशियों को अपना शिकार बनाया था.

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