बीजापुर (चेतन कापेवार)। गंगालूर थाना अंतर्गत बुरजी गांव बीते एक साल से आंदोलन पर डटे आदिवासियों पर लाठी चार्ज , आंदोलन स्थल से खदेड़ने के आरोपो की हकीकत जानने सोमवार को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बुरजी के उद्देश्य से रवाना हुए थे, गागड़ा के पीछे युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह भी चल रहे थे कि इन्हें गंगालूर मार्ग पर पुलिस लाइन के समीप ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया।

सुरक्षा का हवाला देते दोनो ही नेताओ को पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया, इसे राजनीतिक ज्याददती करार देते महेश गागड़ा पुलिस बेरिकेड्स के सामने ही धरने पर बैठ गए।

गागड़ा ने आरोप लगाया कि विधायक विक्रम के इशारे पर पुलिस उन्हें बुरजी जाने से रोक रही है। विधायक जानते है कि अगर भाजपा पीड़ित ग्रामीण तक पहुँच गई तो विधायक का आदिवासी हितैषी का चेहरा बेनकाब हो जाएगा।
जिन आदिवासियों के बूते विक्रम विधायक और लखमा मंत्री बने, आज उन्ही आदिवासियों पर इनके इशारे पर कहर ढाया जा रहा है।
गागड़ा ने कहा कि उन्हें सुरक्षा के नाम पर बार बार जनता के बीच जाने से रोका जा रहा है, पूरे मामले को लेकर वे एसपी से मुलाकात कर सवाल जरूर करेंगे।

वही युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय ने कहा कि सत्तासीन होने से पहले विधायक विक्रम, मंत्री लखमा आदिवासियों के आंदोलन, प्रदर्शन को समर्थन देते थे, आज वही विधायक-मंत्री आदिवासियों से मारपीट की घटना पर चुप्पी साधे हुए है, विपक्ष हो या अन्य किसी को बुरजी के आंदोलनकारियों से मिलने से रोका जा रहा, इससे बीजापुर में सरकार-विधायक की तानाशाही साफ जाहिर होती है।

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