सुनील कश्यप, सुकमा। जिले से एक अच्छी खबर निकल कर सामने आ रही है। प्रदेश स्तरीय रक्तदाता सम्मान के लिए नक्सल प्रभावित जिला सुकमा से दिलीप बघेल का नाम सामने आया है। जिन्हें छत्तीसगढ़ में स्वैच्छिक युवा रक्तदाता के नाम पर सम्मानित किया जाएगा।

दरअसल 14 जून 2022 को विश्व रक्तदाता दिवस पर प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाता एवं संस्थाओं को राज्य स्तरीय सम्मान देने की योजना तैयार किया गया और प्रत्येक जिलों से रक्त दाताओं की सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से लिया गया। जिसे देखते हुए सुकमा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 5 संस्थाओं के नाम के साथ दिलीप कुमार बघेल का नाम भी सम्मान हेतु आगे किया। और बताया कि सुरक्षित युवा रक्तदाता दिलीप बघेल ने 18 वर्ष से लगातार 5 मार्च 2022 तक 22 बार रक्दान किया है। और अंदरूनी क्षेत्रों से जिला मुख्यालय इलाज करवाने पहुंचे ग्रामीणों के जीवन को बचाने के लिए सहभागी बने हैं। यही कारण है कि आज उन्हें राज्य स्तरीय रक्तदाता का सम्मान मिलेगा।

ऐसे हुई दिलीप की शुरुआत-

रक्तदाता दिलीप बघेल ने बताया कि जब वे पहली दफा रक्तदान करने ब्लड बैंक पहुंचे तो उन्होंने ब्लड बैंक के सामने बैठे ग्रामीणों को देखा। और जब दिलीप ने ग्रामीणों से पूछा ( नेतुर किन) तब उन्होंने जवाब दिया कि उनके परिवार का सदस्य अस्पताल में भर्ती है जिसे खून की आवश्यकता है। जब दिलीप ने बातचीत करके ग्रामीणों से कहा कि आपके परिवार से किसी का खून ब्लड बैंक में जमा करवा दीजिए। जिससे ग्रामीण को सही समय में खून मिल पाए। इतना सुनते ही ग्रामीणों ने कहा कि हमारे परिवार के लोगों से खून देते हैं तो उनके शरीर में खून की कमी हो जाएगी। क्योंकि रक्तदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी है और सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में भाषा-बोली की समस्या सबसे अधिक है। इतना सुनते ही जागरूक युवा दिलीप बघेल ने सोचा जी कितनी मुश्किलों से ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंचते हैं और कई दफा तो यह हुआ कि सही समय में मरीजों को खून नहीं मिलने की वजह से उनकी मौत भी हो चुकी है। इन सभी समस्याओं को देखते हैं दिलीप ने सोचा कि क्यों न एक सोशल मीडिया में व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया जाए। जिसमें क्षेत्र के युवाओं को जोड़कर जरूरतमंदों तक रक्तदान करके रक्त पहुंचाया जाए। ताकि ग्रामीणों का जीवन बच सके। इसी उद्देश्य को लेकर दिलीप लगातार जरूरतमंदों को खून उपलब्ध कराते थे और खुद ही लगभग 22 दफा रक्त दान किए हैं। यही कारण है कि आज उनकी यह मेहनत रंग लाई और उन्हें सुकमा जिले से जागरूक युवा रक्तदाता के तौर पर राज्य स्तरीय सम्मान मिलने जा रहा है।

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