जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले को हाथी पांव जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक जंग छेड़ने की तैयारी कर ली है. कलेक्टर हरिस एस. की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 10 फरवरी से पूरे जिले में सामूहिक दवा सेवन का विशेष अभियान चलाया जाएगा. 25 फरवरी तक चलने वाले इस पखवाड़े में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायत, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के आपसी तालमेल से घर-घर तक पहुंच बनाई जाएगी, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा के सेवन से वंचित न रहे.

​प्रशासन ने इस बार विशेष रणनीति के तहत तोकापाल, बस्तर और बकावंड विकासखंडों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है, जिसे सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ और वन मंडलाधिकारी सहित सभी आला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे महज एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से केवल दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को छोड़कर शेष सभी नागरिकों को स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में दवा पिलाई जाएगी. कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बस्तर को इस शारीरिक अक्षमता का कारण बनने वाली बीमारी से हमेशा के लिए निजात दिलाई जा सके.

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