जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट गुरुवार को बस्तर दौरे पर पहुंचे और मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली को लेकर एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जहाँ पूर्व विधायक का नाम ही गायब होने का चौंकाने वाला मामला उठाया, वहीं पायलट ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए. कांग्रेस ने साफ किया कि वह लाखों वोटरों के नाम काटने के इस गंभीर मुद्दे को लेकर अब राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगी.
विधायक का नाम गायब होने पर गम्भीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का एक गंभीर उदाहरण पेश किया. उन्होंने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र के भरतपुर विधानसभा के पूर्व विधायक गुलाब सिंह कमरो का नाम ही मतदाता सूची से गायब कर दिया गया.
चरणदास महंत ने कहा, “जब SIR के लिए अधिकारी उनके गांव पहुंचे, तो आवेदन देने के बावजूद अगले ही दिन BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) ने सूचित किया कि उनका नाम सूची में नहीं है. जाँच में पता चला कि उनका नाम त्रुटिपूर्ण तरीके से किसी अन्य गाँव में स्थानांतरित कर दिया गया है.”
चरणदास महंत ने आशंका व्यक्त की कि यदि एक विधायक के साथ ऐसा हो सकता है, तो गरीब, आदिवासी और आम नागरिकों के साथ किस स्तर की धांधली हो रही होगी.
सचिन पायलट का निर्वाचन आयोग पर सीधा हमला
सचिन पायलट ने मतदाता सूची की शुचिता और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.
1. ‘वोटों की चोरी’ और जांच की अनदेखी
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि देश में लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए और ‘वोटों की चोरी’ की गई. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रमाण के साथ कई बार यह जानकारी दी है, लेकिन ”निर्वाचन आयोग ने आज तक इस मामले में जाँच कराने तक की जहमत नहीं उठाई. आयोग न वोटर लिस्ट जारी करता है और न ही आरोपों की जाँच कराता है.”
2. BJP पर जवाब देने का आरोप
सचिन पायलट ने सबसे बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जब निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, तो जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं, जो आयोग की निष्पक्षता को संदेह के घेरे में लाता है. उन्होंने 45 दिन बाद वोटिंग के वीडियो को स्वतः नष्ट करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए.
3. घुसपैठियों पर पलटवार
कांग्रेस के नेता ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष के हर भारतीय नागरिक को वोट का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी घुसपैठिये को वोट नहीं डालने दिया जाना चाहिए. लेकिन, उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि वे पिछले 11 वर्षों में बाहर निकाले गए घुसपैठियों का आधिकारिक आँकड़ा जारी करे.
4. BLO पर दबाव और जागरूकता अभियान
सचिन पायलट ने कहा कि अनेक राज्यों में BLO आत्महत्या कर रहे हैं, जो दर्शाता है कि उन पर मानसिक शोषण और भारी दबाव है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग में विश्वास कम होने के कारण ही कांग्रेस ने यह जागरूकता अभियान चलाया है, ताकि लोगों को मतदाता सूची की गड़बड़ियों के प्रति सचेत किया जा सके.
नक्सलवाद पर कांग्रेस का कड़ा रुख
नक्सली हिड़मा के मारे जाने और नक्सलवाद पर कांग्रेस के समर्थन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सचिन पायलट ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा नक्सलवाद, आतंकवाद और अलगाववाद से टक्कर ली है और जीत हासिल की है.”
उन्होंने भावुक होकर कहा, “नक्सलवाद के कारण छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने अपनी एक पूरी पीढ़ी (जनरेशन) खो दी है, तो हम इसका समर्थन कैसे कर सकते हैं?” पायलट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.