जगदलपुर (अमन दास मानिकपुरी)। शहर के धरमपुरा स्थित सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के परिसर में सैनिक विश्रामगृह के लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके शामिल हुईं। इस कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि मैं उन सैनिक परिवारों के बीच हूँ, जिनके शूरवीरों ने अपनी पूरी जिन्दगी कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा में सदैव अपनी भूमिका निभाई है। वह चाहे तपता हुआ रेगिस्तान हो या शून्य डिग्री के नीचे सियाचिन ग्लेशियर हो, आप सभी देश को अपनी सेवाएँ दी हैं। उनकी इन सेवाओं के फलस्वरूप देश चारों ओर से सुरक्षित है। यह हमारा कर्तव्य ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण जिम्मेदारी है कि हम अपने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों की देखभाल करें ताकि सरहद पर तैनात सैनिक बेहिचक अपने कर्तव्य का निर्वहन भली भाँति कर सकें। सशस्त्र सेना जितना सुदृढ़ होती है देश उतना ही सुरक्षित एवं विकासशील होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वीर सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए सैनिक विश्रामगृह के निर्माण के लिए एस.ई.सी.एल के सीएसआर मद से एक करोड़ 6 लाख की लागत से 6 कमरे और हाॅल का निर्माण किया गया है। नवनिर्मित विश्रामगृह में सैनिक परिवारों के अलावा बस्तर आने वाले समस्त वर्दीधारियों एवं उनके परिजनों को भी लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष सशस्त्र सेना झण्डा दिवस 7 दिसम्बर को पूरे देश में बड़े शान से मनाया जाता है। सभी देशवासी अपने सैनिकों, शहीदों एवं उनके परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए अपनी स्वेच्छा से ए.एस.एफ फण्ड में बढ़-चढ़कर दान देवें। इस निधि में मिलने वाली समस्त दान राशि का उपयोग पूर्व सैनिकों, शहीदों एवं उनके आश्रितों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं हेतु उपयोग किया जाता है। इस फण्ड की वृद्धि निश्चित तौर पर सैनिकों के हितों को संवर्धित करेगा।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन को वीर योद्धाओं एवं उनके परिवारों की किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए हेल्प लाईन नंबर जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही महीने के दो दिवस सैनिकों के कल्याण व समस्या सुनने तथा निराकरण के लिए रखने निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सुरक्षा बलो व सेना में भर्ती के लिए अधिक प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कलेक्टर एवं जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि जगदलपुर में सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय की स्थापना जनवरी 2006 में किया गया था। सैनिक विश्रामगृह का निर्माण एस.ई.सी.एल के सीएसआर मद से एक करोड़ 6 लाख की लागत से किया गया है। कार्यक्रम में सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा छत्तीसगढ़ में संचालित सैनिक कल्याण और शासन द्वारा दी जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय व विश्रामगृह के लिए जिला प्रशासन द्वारा दी गई तीन एकड़ की जमीन पर निर्माण के संबंध में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, पूर्व मंत्री अरविंद नेताम, बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज श्रीवास्तव, कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी ओपी पाल, ब्रिगेडियर एके दास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा, विंग कंमाडर श्री पात्र सहित भूतपूर्व सेना के अधिकारी-जवान और सेना से संबंधित परिवार उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने वीर रानी (सैनिकों के विधवा, परिवार के महिला सदस्य) को सम्मानित कर शाल-श्रीफल और सम्मान राशि का वितरण किए। द्वितीय विश्वयुद्ध में शहीद जवान की पत्नी को और पेंशन प्राप्त जवानों की पत्नियों को सहायता राशि का चेक प्रदाय किया। कार्यक्रम में एनसीसी के कैडेटों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पुनित सागर अभियान से संबंधित पर्यावरण संरक्षण पर नाट्य का प्रदर्शन भी किए। कार्यक्रम में सैनिक विश्रामगृह बनाने वाले संस्था निर्माण ऐजेंसी के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने वृक्षारोपण भी किया।

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